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Hindi Love Poem: जब से वो जीवन में आई...

A poem dedicated to my parents: उंगली पकड़ाकर चलाते मुझे...

Hindi Poem: अब बदलाव ज़रुरी है...

Hindi Poem: सुबकता रहा चांद रातभर...

Hindi Poem: मैं चल पड़ा आसमान को छूने...

My Crazy Kavita: सर्दी आई और जुकाम आ गया...

A Revolutionary Poem: आज ख़िलाफ़त के अल्फ़ाज़ उठे हैं...

Hindi Poem: मन हमारा पतंग समान...

Hindi Love Poem: तेरी याद के बाद...

Hindi Poem: बेखयाली में भी तेरा ख़याल है...

Hindi Love Poem: तेरे चेहरे का चांद...

Hindi Poem: खुली हवा से मिलना शाम को...

Hindi Love Poem: जब तू मुस्कुराती है...

Hindi Poem: इश्क़ को आसान किये जा रहा हूं...

Hindi Poem: ये कौन गीत गा रहा है...

Hindi Poem: नाराज कभी जिंदगी से 'राज़' नहीं होता...

Hindi Poem: सुना था ईश्क में नींद उड़ जाती है मगर...

Hindi Poem: अजी ये जो मोहब्बत सारी है...

Hindi Poem: मेरे और चांद के साथ की बात

Hindi Poem: हम ये कैसी भूल कर बैठे हैं...

Hindi Poem: Life is like a 'Jalebi' | जिन्दगी एक जलेबी है...

My Crazy Tukbandi: मेरे सपनों की bike और तेरे एहसासों का fuel

Hindi Love Poem: आज उसकी आँखों में कोई सवाल नहीं था...

Hindi Love Poem: एक मासूम का दिल लेकर बैठा हूँ...

Hindi Poem: रिश्ते बड़े नाज़ुक और कच्चे मिले...

Hindi Poem: दिल मेरा खो जाना चाहता है...

For My Love | ये लो मेरा दिल रख लो...

Hindi Poem: गरम मेरे शहर की हवा कुछ नहीं...

Hindi Love Poem: मेरे दिल की पटरी...

Hindi Poem by Rajendra Nehra: Sham Ke Dhalne Ka Intezar Kar Lete Hain | शाम के ढलने का इंतजार कर लेते हैं...

Hindi Poem: दिल पर छाए तेरी यादों के बादल...

Hindi Poem: अजीब है बातों के बाजार निकले...

Hindi Poem: समन्दर को चाहे खामोश रहने दो...

Hindi Poem on Nature: सारी कुदरत का नशेमन है शज़र...

Hindi Poem: सबसे सुरक्षित तो अब अपना ही घर लगता है...

Hindi poem: स्याह जब सहरे-शहर लगेगी...

Hindi Poem: Arse Bad Wo Khwab Me Aaya | अरसे बाद वो ख्वाब में आया...